कलश स्थापन विधि
किसी भी पूजन से पूर्व वरुण देव के प्रतीक कलश की स्थापना के नियम और मंत्रों का शुद्ध विधान।
पूजन विधि के चरण:
- 1 सबसे पहले पूजा स्थान को पवित्र करें और एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं।
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- 3 उस पर अष्टदल कमल बनाएं और अक्षत रखें।
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- 5 तांबे या मिट्टी के कलश में शुद्ध जल, गंगाजल, सुपारी, सिक्का, दूर्वा, और आम के पत्ते डालें।
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- 7 कलश के मुख पर नारियल रखें जिसे लाल चुनरी से लपेटा गया हो।
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- 9 वरुण देव का ध्यान करें और "अनंतं वासुकिं शेषं..." मंत्र का जप करें।
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