Loading...

🚩 शुभ मुहूर्त अपडेट: आगामी अक्षय तृतीया पूजन हेतु बुकिंग प्रारंभ। आज ही संपर्क करें! 🚩
🚩 शुभ मुहूर्त अपडेट: आगामी अक्षय तृतीया पूजन हेतु बुकिंग प्रारंभ। आज ही संपर्क करें! 🚩 ✨ काशी के विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक विधि से पूजन ✨ 🚩 शुभ मुहूर्त अपडेट: आगामी अक्षय तृतीया पूजन हेतु बुकिंग प्रारंभ। आज ही संपर्क करें! 🚩 ✨ काशी के विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक विधि से पूजन ✨
वापस जाएं (Back)
कलश स्थापन विधि

कलश स्थापन विधि

किसी भी पूजन से पूर्व वरुण देव के प्रतीक कलश की स्थापना के नियम और मंत्रों का शुद्ध विधान।

पूजन विधि के चरण:

  1. 1 सबसे पहले पूजा स्थान को पवित्र करें और एक चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं।
  2. 2 2
  3. 3 उस पर अष्टदल कमल बनाएं और अक्षत रखें।
  4. 4 3
  5. 5 तांबे या मिट्टी के कलश में शुद्ध जल, गंगाजल, सुपारी, सिक्का, दूर्वा, और आम के पत्ते डालें।
  6. 6 4
  7. 7 कलश के मुख पर नारियल रखें जिसे लाल चुनरी से लपेटा गया हो।
  8. 8 5
  9. 9 वरुण देव का ध्यान करें और "अनंतं वासुकिं शेषं..." मंत्र का जप करें।

क्या आप यह पूजा पंडित जी से करवाना चाहते हैं?

हमारे अनुभवी वैदिक पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूजा संपन्न कराएं।

अभी बुक करें (Book Now)
होम सेवाएं
बुकिंग
राशिफल परिचय